क्या कभी रात की खामोशी में किसी खास की याद ने दिल को हल्के-हल्के छुआ है? वही सुकून, वही मिठास—जो…
जब रात की चादर स्याही ओढ़ लेती है और तारे अपनी रोशनी से आसमान को सजाते हैं, तब दिल चाहता…