gulzar quotes on relationship, gulzar shayari in hindi, गुलजार साहब शायरी

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gulzar quotes on relationship, gulzar shayari in hindi, गुलजार साहब शायरी. गुलज़ार साहब की बहुत ही खूबसुरत शायरी ग़ज़ल gulzar quotes on relationship. आप लोगो का स्वागत है मेरे blog पर गुलज़ार साहब ने नज़्में और ग़ज़लें भी लिखी हैं. आपके लिए बेहतरीन gulzar sahab shayari. gulzar motivational shayari in hindi.

 

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मैं हर रात सारी ख्वाहिशों को खुद से पहले सुला देता,

हूँ मगर रोज़ सुबह ये मुझसे पहले जाग जाती है।

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मोटिवेशनल शायरी गुलज़ार

मेरे दिल में एक धड़कन तेरी है

उस धड़कन की कसम तू ज़िन्दगी मेरी है

मेरी तो हर सांस में एक सांस तेरी है

जो कभी सांस रुक जाये तो मौत मेरी है

*******

देर से गूंजते हैं सन्नाटे,

जैसे हमको पुकारता है कोई.

कल का हर वाक़िया था  तुम्हारा,

आज की दास्ताँ है हमारी

*******

Gulzar Quotes in Hindi

कोई पुछ रहा हैं मुझसे मेरी जिंदगी की कीमत,

मुझे याद आ रहा है तेरा हल्के से मुस्कुराना

*******

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gulzar quotes on relationship

तन्हाई की दीवारों पर

घुटन का पर्दा झूल रहा हैं,

बेबसी की छत के नीचे,

कोई किसी को भूल रहा हैं

******

जागना भी काबुल है तेरी यादों में रातभर,

तेरे अहसासों में जो सुकून है वो नींद में कहाँ

******

Gulzar Shayari on zindagi

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कैसे करें हम ख़ुद को

तेरे प्यार के काबिल,

जब हम बदलते हैं,

तो तुम शर्ते बदल देते हो

*****

कभी जिंदगी एक पल में गुजर जाती हैं,

और कभी जिंदगी का एक पल नहीं गुजरता

******

Gulzar Shayari in Hindi

रोई है किसी छत पर  अकेले ही में घुटकर,

उतरी जो लबों पर तो वो नमकीन थी बारिश

******

gulzar motivation shayari in hindi

आदतन तुमने कर दीए वादे,

आदतन हमने एतबार किया…

तेरी राहों में बारहाँ रुक कर,

हमने अपना ही इंतज़ार किया…

अब ना मांगेंगे ज़िन्दगी या रब,

यह गुनाह हमने जो एक बार किया…

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कुछ बात बिगड़ती सी, कुछ बात सुलझती सी

कुछ अपनी सी, कुछ पराई सी

जिंदगी है जनाब,

ये हर रोज साज़ बदलती है।

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गुलज़ार मोटिवेशन शायरी इन हिंदी

तजुर्बा बता रहा हूँ ऐ दोस्त दर्द,

गम  डर जो भी हो बस तेरे अन्दर है

खुद के बनाए पिंजरे से निकल कर

तो देख, तू भी एक सिकंदर है

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खुली किताब के सफ़्हे उलटते रहते हैं

हवा चले न चले दिन पलटते रहते है

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चाँद शायरी गुलज़ार

दिल में कुछ जलता है शायद,

धुआँ धुआँ सा लगता है।

आँख में कुछ चुभता है शायद,

सपना सा कोई सुलगता है

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बोली बता देती है इंसान कैसा है!

बहस बता देती है  ज्ञान कैसा है!

घमण्ड बता देता है  कितना पैसा है।

संस्कार बता देते है  परिवार कैसा है

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गुलज़ार बेस्ट लाइन्स

हवा गुज़र गयी पत्ते थे

कुछ हिले भी नहीं,

वो मेरे शहर में आये भी

और मिले भी नहीं

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गजब है इश्क़ – ऐ – दस्तूर

साथ थे तो एक लफ़्ज़

ना निकला लवों से मेरे

दूर क्या हुए कलम ने

कहर मचा रखा है..

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gulzar tanhaai shayari

तन्हाई की दीवारों पर

घुटन का पर्दा झूल रहा हैं,

बेबसी की छत के नीचे,

कोई किसी को भूल रहा हैं..

*****

भूलने की कोशिश करते हो

आख़िर इतना क्यों सहते हो

डूब रहे हो और बहते हो

दरिया किनारे क्यों रहते हो

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wo shahar tumhara gulzar shayari

वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी

वो नफ़रत भी तुम्हारी थी

हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे मांगते

वो शहर भी तुम्हारा था

वो अदालत भी तुम्हारी थी

******

शाम से आँख में नमी सी है,

आज फिर आप की कमी सी है.

दफ़्न कर दो हमें के साँस मिले,

नब्ज़ कुछ देर से थमी सी है

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Gulzar Shayari on yaadein

वो मोहब्बत भी तुम्हारी थी नफरत भी तुम्हारी थी,

हम अपनी वफ़ा का इंसाफ किससे माँगते,

वो शहर भी तुम्हारा था वो अदालत भी तुम्हारी थी

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Gulzar Quotes On relationship

बस तुझसे जुड़ा हूं ए-जिंदगी,

इसलिए जिंदा हूं एकतरफा,

वरना इंसान ढूंढने की कोशिश,

बंद कर दी है मैंने

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बचपन में भरी दुपहरी में नाप आते थे पूरा मोहल्ला

जबसे डिग्रियां समझ में आईं पांव जलने लगे

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